1. If no one girl in the world then who will be as a wife or mother
2.लड़की
*******
मैं हूँ लड़की
मुझे है इसका मान
क्यों जो मैं हूँ भगवान का वरदान !
उनके लिए यह बात है. हमेशा याद रखना :
मैं कोई धागा तो नहीं कि सुई के पीछे -पीछे आऊँगी|
मैं मस्त पवन कि खुशबू हूँ जहां चाहे बिखर जाऊँगी
मैं कोई काजल तो नहीं कि पलकों में सिमट जाऊँगी |
मैं उन्मुक्त सशक्त पतंग हूँ उच्च गगन में लहराऊँगी
मैं कोई मैना तो नहीं कि पिंजरे में कैद हो जाऊँगी|
मैं पाषाण हिय कि नारी हूँ अपनी क्षमता दिखलाऊंगी
मैं कोई शुष्क लकड़ी तो नहीं कि आरी से कट जाऊँगी|
मैं आज की शिक्षित नारी हूँ कभी शीश नहीं झुकाउँगी
नारी अबला होती है मैं यह प्रचलित कथन मिटाऊँगी|
तेरे आँगन की बगिया में,
चाहती मैं हूँ पलना.
पायल की छमछम करती माँ,
2.लड़की
*******
मैं हूँ लड़की
मुझे है इसका मान
क्यों जो मैं हूँ भगवान का वरदान !
उसने मुझे बनाया
दुनिया ने ठुकराया
यहाँ आकार मैंने क्या सुख पाया !
अरे ,लड़की तो है -
माँ की शान
पिता का सम्मान
फिर क्यों होता इस का अपमान !
सदियों से होता आया
जाने कब तक होता जायेगा .....
न हो लड़की, तो क्या संसार चल पायेगा
दे सकता है क्या कोई इसका जबाब ?
न होगी अगर लड़की
तो करोगे क्या जनाब ??..
**********************
दुनिया ने ठुकराया
यहाँ आकार मैंने क्या सुख पाया !
अरे ,लड़की तो है -
माँ की शान
पिता का सम्मान
फिर क्यों होता इस का अपमान !
सदियों से होता आया
जाने कब तक होता जायेगा .....
न हो लड़की, तो क्या संसार चल पायेगा
दे सकता है क्या कोई इसका जबाब ?
न होगी अगर लड़की
तो करोगे क्या जनाब ??..
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3.
जो व्यक्ति गर्भ में बेटियों की हत्या करते हैं उनके लिए यह बात है. हमेशा याद रखना :
अगर बेटा वारिस है, तो बेटी पारस है |
अगर बेटा वंश है, तो बेटी अंश है |
अगर बेटा वंश है, तो बेटी अंश है |
अगर बेटा आन है, तो बेटी शान है |
अगर बेटा तन है, तो बेटी मन है |
अगर बेटा मान है, तो बेटी गुमान है |
अगर बेटा संस्कार, तो बेटी संस्कृति है |
अगर बेटा आग है, तो बेटी बाग़ है |
अगर बेटा दवा है, तो बेटी दुआ है |
अगर बेटा भाग्य है, तो बेटी विधाता है |
अगर बेटा शब्द है, तो बेटी अर्थ है |
अगर बेटा गीत है, तो बेटी संगीत है |
" SAVE GIRL CHILD " ,,,,,,,,,,,,,,
अगर बेटा तन है, तो बेटी मन है |
अगर बेटा मान है, तो बेटी गुमान है |
अगर बेटा संस्कार, तो बेटी संस्कृति है |
अगर बेटा आग है, तो बेटी बाग़ है |
अगर बेटा दवा है, तो बेटी दुआ है |
अगर बेटा भाग्य है, तो बेटी विधाता है |
अगर बेटा शब्द है, तो बेटी अर्थ है |
अगर बेटा गीत है, तो बेटी संगीत है |
" SAVE GIRL CHILD " ,,,,,,,,,,,,,,
4.एक चीख रात को चीर के माँ के हिरदय तक आई
और एक नन्ही सी आवाज़ सुन के माँ तो बहुत रोई
माँ मुझे मत मरो, मत मरो नन्ही सी जान को
जनम से पहेले ही मत मरो इस अनजान को
और एक नन्ही सी आवाज़ सुन के माँ तो बहुत रोई
माँ मुझे मत मरो, मत मरो नन्ही सी जान को
जनम से पहेले ही मत मरो इस अनजान को
बस माँ ही सुन सकती थी उसकी करुण पुकार
करना तो बहुत कुछ चाहती थी पर वो थी लाचार
आखिर वो किया कर सकती थी वो डरी सहमी थी औरत
न तो उसमे इतनी हिम्मत थी की वोह करती बग़ावत
तो उसने भर कर आंखों में आंसू का मोती कहा
तेरी अच्छी किस्मत है जो तू जनम नहीं लेती
जनम लेकर भी आखिर तू किया करेगी
इस दुनिया में औरत का कोई सामान नहीं
किया करेगी यहाँ आकर, जहाँ तेरे लिए कोई प्यार नहीं
तू ही है जो सारा जीवन दोहेरी भूमिका निबह्न्येगी
सबकी सेवा करेघी तू, पर सामान नहीं पायेगी
अरे मेरी नन्ही जान, जनम न लेने में ही है तेरी भलाई
और यह कह कर माँ की वेदना और गहराई
पर बेबुस आवाज़ आई, मुझे बस एक मौका दे दो
मुझे एक बार दुनिया में तो आने दो
में अपना ही इन्देर्दानुस बनाउंगी
चलो, चलो माँ एक नरक से कहीं दूर चलते है
तुम्हे यह समझना होगा की नारी से ही वंश चलते है
हाँ तुम ठीक कहेती हो, और माँ एक हॉस्पिटल में पहुंची
जहाँ नीतू का जनम हुआ और जीत हुई नारी की
समय बदला, समाज बदला बदला गयी दुनिया सारी
समझ गया अब संसार सारा अभी नारी नहीं अबला बेचारी.
करना तो बहुत कुछ चाहती थी पर वो थी लाचार
आखिर वो किया कर सकती थी वो डरी सहमी थी औरत
न तो उसमे इतनी हिम्मत थी की वोह करती बग़ावत
तो उसने भर कर आंखों में आंसू का मोती कहा
तेरी अच्छी किस्मत है जो तू जनम नहीं लेती
जनम लेकर भी आखिर तू किया करेगी
इस दुनिया में औरत का कोई सामान नहीं
किया करेगी यहाँ आकर, जहाँ तेरे लिए कोई प्यार नहीं
तू ही है जो सारा जीवन दोहेरी भूमिका निबह्न्येगी
सबकी सेवा करेघी तू, पर सामान नहीं पायेगी
अरे मेरी नन्ही जान, जनम न लेने में ही है तेरी भलाई
और यह कह कर माँ की वेदना और गहराई
पर बेबुस आवाज़ आई, मुझे बस एक मौका दे दो
मुझे एक बार दुनिया में तो आने दो
में अपना ही इन्देर्दानुस बनाउंगी
चलो, चलो माँ एक नरक से कहीं दूर चलते है
तुम्हे यह समझना होगा की नारी से ही वंश चलते है
हाँ तुम ठीक कहेती हो, और माँ एक हॉस्पिटल में पहुंची
जहाँ नीतू का जनम हुआ और जीत हुई नारी की
समय बदला, समाज बदला बदला गयी दुनिया सारी
समझ गया अब संसार सारा अभी नारी नहीं अबला बेचारी.
5.
मैं स्वछन्द ,नीर की बदरी हूँ जहां चाहे बरस जाऊँगीमैं मस्त पवन कि खुशबू हूँ जहां चाहे बिखर जाऊँगी
मैं कोई काजल तो नहीं कि पलकों में सिमट जाऊँगी |
मैं उन्मुक्त सशक्त पतंग हूँ उच्च गगन में लहराऊँगी
मैं कोई मैना तो नहीं कि पिंजरे में कैद हो जाऊँगी|
मैं पाषाण हिय कि नारी हूँ अपनी क्षमता दिखलाऊंगी
मैं कोई शुष्क लकड़ी तो नहीं कि आरी से कट जाऊँगी|
मैं आज की शिक्षित नारी हूँ कभी शीश नहीं झुकाउँगी
नारी अबला होती है मैं यह प्रचलित कथन मिटाऊँगी|
6.AGAR BETI NAHI BACHAOGE TO BAHU KHA SE LAOGE??????
7.proud to be girl.
8.माँ मैं कुछ कहना चाहती हूँ,
माँ मैं भी जीना चाहती हूँतेरे आँगन की बगिया में,
चाहती मैं हूँ पलना.
पायल की छमछम करती माँ,
चाहती मैं भी चलना.
तेरी आँखों का तारा बन,
चाहती झिलमिल करना.
तेरी सखी सहेली बन माँ,
चाहती बाते करना.
तेरे आँगन की बन तुलसी,
चाहती मैं हूँ बढ़ना.
मान तेरे घर का बन माँ,
चाहती मैं भी पढ़ना.
हाथ बँटाकर काम मैं तेरे,
चाहती हूँ कम करना.
तेरे दिल के प्यार का गागर,
चाहती मैं भी भरना.
मिश्री से मीठे बोल बोलकर,
चाहती मैं हूँ गाना.
तेरे प्यार दुलार की छाया,
चाहती मैं भी पाना.
चहक-चहक कर चिड़ियाँ सी,
चाहती मैं हूँ उड़ना.
महक-महक कर फूलों सी,
चाहती मैं भी खिलना.
माँ मैं कुछ कहना चाहती हूँ,
माँ मैं भी जीना चाहती हूँ.
तेरी आँखों का तारा बन,
चाहती झिलमिल करना.
तेरी सखी सहेली बन माँ,
चाहती बाते करना.
तेरे आँगन की बन तुलसी,
चाहती मैं हूँ बढ़ना.
मान तेरे घर का बन माँ,
चाहती मैं भी पढ़ना.
हाथ बँटाकर काम मैं तेरे,
चाहती हूँ कम करना.
तेरे दिल के प्यार का गागर,
चाहती मैं भी भरना.
मिश्री से मीठे बोल बोलकर,
चाहती मैं हूँ गाना.
तेरे प्यार दुलार की छाया,
चाहती मैं भी पाना.
चहक-चहक कर चिड़ियाँ सी,
चाहती मैं हूँ उड़ना.
महक-महक कर फूलों सी,
चाहती मैं भी खिलना.
माँ मैं कुछ कहना चाहती हूँ,
माँ मैं भी जीना चाहती हूँ.
9. Dosto beti nhi to beta bhi nhi........save beti..
10.
main beti hu..par main to beti hu .....na mene kabhi zid ki,na hi meri zid puri hui.....zid thi jeene ki,zid thi padne ki...zid thi ladko k baraber mane jane ki !ab to hona tha parai !na mene jana ,na thi puchne ki izazzat.kon hoga wo ghr ka naya malikna umang na asha...jaisa ho naya ghrdahej k tane,kisi ko jalana kisi ko pitna hota haindahej lobhiyo ki zilat sehte sehte,rote rote mar jana...ha main hu beti.pait me bacha hone ka andaz suhana hota h..beta ho ya beti ..ma ko to ma hi rehna hain.zamane ko chaiye beta beti ko dafnana hain :((issi kasis me tadap k ek ma ko bhitar hi mar jana hain.garbhbahp ho ya bhud hatya ek bhud k sath ek ma bhi marti hain....beti hona kitna bhi bura ho par main beti hu..ghr me janmi hu ghr me marugi.ghr badlega,ma or beti nhi badlegi.janam se vivah tak din raat mene apne babul ko sicha hain.....vivah se mirtyu tak sasural ka maan nibahaya hain.fir bhi beti ki hataya ki jati hain beti hogi tabhi to ma behan bahu hogi.agar chlta rha kuch ese hi parkati khud legi badla ..beti k ghr ko keval sicha k samjha k chlaya hainadmi kre chodher duty lugai chlawe ghr** EK BETI KA KHAT DUNIYA K NAAM **SAVE THE GIRL CHILD.....
11. Yaah save the girls.......tiger baad me bachayenge........bike ke piche ladki chahiye ya tiger..
12. Take pride in being a father of a girl.
13."Female foeticide in India is alarming.
Strict actions must be taken against those involved in female foeticide...."
14.I'll support definetly in this & voice spread to save the female child.
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